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मौखिक दुर्व्यवहार के घाव या निशान  

दुर्व्यवहार शारीरिक, मौखिक, भावनात्मक या यौन प्रकृति का हो सकता है। यह लेख विशेष रूप से मौखिक दुर्व्यवहार के बारे में है। मौखिक दुर्व्यवहार अक्सर भावनात्मक शोषण के साथ ओवरलैप होता है। यह काफी सामान्य है और अक्सर इसे क्रोध के रूप में खारिज कर दिया जाता है। हालाँकि, सादे क्रोध और क्रोध से प्रेरित मौखिक दुर्व्यवहार के बीच अंतर की एक पतली रेखा है। यह इंगित करना कठिन हो सकता है कि क्रोध कहाँ समाप्त होता है और दुर्व्यवहार कहाँ शुरू होता है। एक अपमानजनक व्यक्ति वह होता है जो तीव्र दर्द और आघात से गुजरा है और अनजाने में दूसरों पर भी ऐसा ही थोपता है। व्यक्ति अधिकांश समय बहुत अच्छा हो सकता है। लेकिन जब उसे ट्रिगर किया जाता है, तो वह एक जहरीले सांप में बदल जाता है जो आपको सबसे ज्यादा चोट पहुंचाने वाली जगहों पर काटता है और आपके शरीर और दिमाग में विष भर देता है। 

याद करें कि जब कभी किसी ने आपको डराने के लिए जोड़-तोड़ की रणनीति का इस्तेमाल किया, आप पर अन्याय का आरोप लगाया, आपका अपमान किया, आपको नाम दिया, आपको गलती न होने पर भी गलती मानने को बाध्य किया या ऐसा ही कुछ। आपसे कही जा रही सभी बकवासों से आप शायद चौंक गए थे, लेकिन आप शक्तिहीन महसूस कर रहे थे क्योंकि आप दूसरे व्यक्ति को निष्पक्ष नहीं बना सके। 

हम में से कई लोगों ने अलग-अलग रिश्तों में ऐसे अनुभव किए हैं, हालांकि यह माता-पिता-बच्चे, पति-पत्नी, बहुत ही करीबी मित्रों आदि जैसे करीबी रिश्तों में होने की अधिक संभावना है। कई बार, हम भी अपने शब्दों से दूसरों को गाली देने और दर्द देने वाले हो सकते हैं। हमें अपनी हरकतों को भी स्वीकार करना होगा। 

किसी भी प्रकार की नकारात्मक भावनाएं और अनुभव चाहे आपके स्वयं के हों या आप पर थोपे गये हों, आपके पूरे के पूरे ऊर्जा तंत्र, आपके शरीर और आपकी भावनाओं को बर्बाद कर सकते हैं। परिणाम शारीरिक और मानसिक व्याधियों के रूप में प्रकट होगा। ऐसी सभी स्थितियों के प्रभाव को आपकी जीवनी शक्ति के भीतर से, आपके ऊर्जा क्षेत्र से, आपके आभामंडल से या यूँ कहें आपके पूरे के पूरे व्यक्तित्व से मिटना ही होगा।  

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आपके भीतर के परमात्मा को हृदय से प्रणाम।  

विनोद की माताजी का दर्द

जब किसी का किसी प्रकार का ऊर्जा संबंधित उपचार चल रहा हो तो समस्या की गम्भीरता के अनुसार दवाइयों को, पीने के पानी को, भोजन आदि को भी चार्ज किया जाता है।  किसी किसी को क्रिस्टल या किसी और प्रकार के रत्न, कोई विशेष एसेंशियल ऑइल आदि का प्रयोग करने की भी सलाह दी जाती है।  कुछ मामलों में कुछ विशेष परहेज भी करने होते हैं।  इस पूरे सिस्टम में ध्यान का बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान है, बहुत से लोगों को ध्यान की भी सलाह दी जाती है।  यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या का प्रकार और उसकी गम्भीरता कितनी है।  कभी कभी लक्षण तो शारीरिक होते हैं परन्तु समस्या विशुद्ध रूप से सिर्फ मानसिक ही होती है।  यहाँ पर मानसिक समस्या का मतलब मनोरोग, पागलपन या मूर्खता जैसा कुछ नहीं है अपितु कुछ और ही है, इसे अलग से फिर कभी समझाया जाएगा।  

हमारे एक साथी हैं विनोद जी, विनोद जी कुछ समय से गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं।  उनके लिये समय समय पर पानी की चार्जिंग भी करते हैं हम लोग।  इसी संबंध में उनकी माताजी का आगमन हुआ।  बातों ही बातों में पता चला कि उन्हें दाहिनी ओर के हाथ और पैर दोनों में भीतर की तरफ थोड़ा सा तेज दर्द हो रहा था।  घरेलू कामों का यदा कदा कुछ ज़्यादा बोझ उन पर आ जाता है जो कि उनकी उम्र को देखते हुए उनके शरीर के लिये कष्टदायक हो जाता है।  घर के दूसरे सदस्यों की आकस्मिक महत्त्वपूर्ण व्यस्तता के कारण इस प्रकार की परेशानियाँ उन्हें अक्सर उठानी पड़ जाती हैं।  माँ हैं, माँ तो रूप ही है त्याग का, ममता का, करुणा का; अब ऐसा है तो इसके परिणाम भी होंगे ही, चाहे वह मानसिक स्तर पर हो, शारीरिक स्तर पर हों या फिर दोनों ही हों।   

उनकी समस्या की और गहराई में जब उतरा गया तो समझ में आया कि इसके कारण शारीरिक और मानसिक (सिर्फ तनाव) दोनों ही थे।  उनकी भी इच्छा थी और हमें भी अनुमति चाहिये थी कि इस समस्या का कुछ समाधान तो होना ही चाहिये।  सबसे पहले तो उन्हें थोड़ा शीतल जल पिलाया गया, फिर कुछ विशेष मुद्रा में बैठकर थोड़ी देर शांत होने का आग्रह किया गया, और उसके बाद उनकी दोनों ही समस्याओं का समाधान किया गया।  इस प्रकार की समस्याओं के समाधान में करीब ५-१० मिनट लगते हैं।  और लगभग इतने समय के अंदर उन्हें काफी आराम मिल चुका था।  एक और भी समस्या महसूस हुई जिसका कि उन्हें अनुभव नहीं हो रहा था लेकिन मेरा अंतर्मन कह रहा था कि वह समस्या या तो है या फिर प्रकट होने वाली है।  इसके लिये इसके लिये उनके आभामंडल पर कुछ विशेष क्रिया करके उन्हें अगले ८ दिनों तक के लिये निगरानी में रखा गया है।  

बहुत बार ऐसा होता है कि किसी को कोई समस्या होती है, लोगों को तो पता चल रही होती है लेकिन स्वयं समस्याग्रस्त व्यक्ति को आभास तक नहीं होता है।  ऐसी समस्याओं का समय पर पहचाना जाना, और उनका निवारण आवश्यक हो जाता है।  ऐसी समस्याओं का कारण हो सकता है कार्मिक हो, दूषित विचार (अपने या दूसरों के) हों, या फिर अनचाहे  सूक्ष्म व्यक्तित्व की उपस्थिति हो।  

एक अलग दृष्टि से अगर बात की जाय तो किसी के भी स्वास्थ्य के बिगड़ने के तीन मुख्य कारण हो सकते हैं – १. पूर्ण रूप से भौतिक, २. ऊर्जा संबंधित एवं ३. कर्म जनित।  पहले दो कारणों में तो उपचार का प्रभाव लगभग तुरंत ही दिखता है लेकिन तीसरे कारण के संबंध में प्रभाव आते आते काफ़ी समय लग सकता है और संभव है कि प्रभाव हो ही न; तब तक, जब तक कि उसे पहचान कर सुधारा न जाय।  इस संबंध में फिर कभी चर्चा करेंगे।  

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श्राइना और सृष्टि की हिचकियाँ

जब आप किसी काम को करते हैं या किसी तरह का अध्ययन करते हैं तो उससे संबंधित बहुत सारी बातें और बहुत सारा ज्ञान ऐसा होता है जिससे आपका स्वतः ही मिलन आरंभ हो जाता है।  बहुत कुछ आपको दिखने लगता है, आपको अनुभव होने लगता है और आपके आस पास वैसा ही वातावरण बनने लगता है।  

स्पिरिचुवल हीलिंग या एनर्जी हीलिंग का अभ्यास करते करते कुछ समय बीता तो धीरे धीरे बहुत कुछ और भी जानने का अवसर मिला, कई और तरह के लोग, उनका अनुभव और कुछ लोगों की सेवा का भी अवसर प्राप्त हुआ।  समय के साथ साथ ध्यान, योगासन, मनोविज्ञान, पेंडुलम डाउसिंग, चक्र बैलेनसिंग, रेकी हीलिंग, कलर थेरेपी, मसाज थेरेपी, ऍरोमा थेरेपी, सूजोक, प्राणिक हीलिंग आदि के बारे में भी अध्ययन का अवसर मिला।  धीरे धीरे कुछ अंतर्दृष्टि विकसित होना प्रारंभ हुई।  

हमारे एक सीनियर संजीव सर (बदला हुआ नाम) एक बार अपना एक अनुभव सुना रहे थे जिसमें उनका मिलना किसी आध्यात्मिक महिला से हुआ था। उनके ऑफिस में कोई आध्यात्मिक कार्यक्रम हुआ था उसके अनुभव बहुत ही रोमांचक थे। संजीव सर किसी भी तरह के ऊर्जा संबंधित किसी सिस्टम का भाग कम से कम उस समय तक तो नहीं थे। जो अनुभव उन्होंने सुनाये वह सिर्फ उनके ही नहीं , एक साथ उनके कई सहकर्मियों के थे। उस समय उसका नाम तो उन्हें स्मरण नहीं था लेकिन मेरे लिये उन्होंने काफी ढूँढ ढाँढ़ कर उसी सिस्टम की एक पुस्तक की व्यवस्था की। उसे मैंने पढ़ा और उन्हें वापस कर दिया। बात आयी गयी हो गयी।  

कभी कभी हमारे जीवन में कुछ चीज़ें अकस्मात आती हैं, अपनी झलक छोड़ती हैं और विस्मृत हो जाती हैं। इस जीवन में, संसार में कुछ भी बस यूँ ही नहीं होता है; उसके पीछे नियति की कोई योजना होती है जो हमें बहुत बाद में समझ में आती है, और अक्सर तो हमें इस बात का कभी आभास भी नहीं होता है। कुछ ऐसा ही इस संबंध में हुआ था। उस पुस्तक तो बस यूँ ही पढ़ना, और उसका कुछ अंश याद रह जाना भविष्य में मेरे काम आया और इस छोटी सी दिखने वाली घटना ने मेरे आध्यात्मिक जीवन में एक बड़ा परिवर्तन किया। खैर, अभी इतना विस्तार में जाने की आवश्यकता नहीं है।  

एक दिन की बात है, श्राइना को काफी हिचकियाँ आ रही थीं, और वह काफी असुविधा महसूस कर रही थी। बहुत सारे घरेलू उपाय कर लिये गये और कई घंटे बीत गये, परन्तु कोई आराम नहीं मिला। मुझे एकाएक उसी पुस्तक का कुछ अंश याद आया जो मैंने संजीव सर के देने पर पढ़ी थी। जितना याद आया उसी हिसाब से मैंने कुछ उपाय किया। मुझे जहाँ तक याद है, शायद २-३ मिनटों में उसे पूरी तरह आराम मिल गया। उस दिन मैंने तय किया कि अब इस सिस्टम का भी अध्ययन करना है और इसे भी अपने जीवन में ले कर आना है।  

अभी ४-५ दिन पहले हिचकियों की उसी तरह की समस्या जैसी श्राइना को हुई थी वैसी ही सृष्टि को हुई। वह तो इसके पूरे मजे ले रही थी, लेकिन हमें बड़ी असुविधा हो रही थी। श्राइना की सहज गंभीरता के उलट सृष्टि कुछ ज़्यादा ही चंचल है, हिचकियों से श्राइना को जितनी परेशानी हो रही थी सृष्टि को उतना ही मज़ा आ रहा था। सृष्टि को हिचकी आये तो वो फिर ज़ोर ज़ोर से हँसे और हमें दूसरे कामों में और विशेष रूप से सोने में व्यवधान पैदा हो रहा था। फिर सृष्टि की हिचकियों के लिये वही उपाय किया गया तो करीब ३.५ साल पहले श्राइना के लिये किया गया था। कुल १-२ मिनटों में हिचकियाँ पूरी तरह से बंद हो गईं।  

आज उस सिस्टम का भाग बने हुए मुझे करीब ४० महीने हो चुके हैं। और इस समय काल में बहुत लोगों की सेवा का अवसर मिला। बहुत सारी सफलताएं मिलीं और असफलताएं भी। असफलताओं के कारणों का अध्ययन किया गया और धीरे धीरे सुधार भी आया।  

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हीलिंग सेशन से पहले

हीलिंग सेशन का सबसे अच्छा तरीका है कि आपको प्रसन्नचित्त मुद्रा में पूर्वाग्रह मुक्त होकर बैठना है।  यह काम करता है कि नहीं  या काम करेगा या नहीं इस सम्बन्ध में पहले से ही कोई धारणा बनाकर न रखें।  इसका निर्णय आप परिणाम पर छोड़ दें।  इससे आप इस सेशन का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।  आपको उन  सभी लाभों की पूरी सूक्ष्मता से कल्पना करनी होगी जिसके लिये इस हीलिंग सेशन में भाग ले रहे हैं।  यह कोई जादू नहीं है बल्कि आप कह सकते हैं कि एक प्रकार की वैकल्पिक चिकित्सा है जो आपको ठीक होने में या आपका मनचाहा प्राप्त करने में मदद करती है।   यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप चाहते क्या हैं और हीलिंग किस प्रकार की और किस स्तर की ले रहे हैं।  यह अति महत्त्वपूर्ण है कि आप अपने लाइट वर्कर के निर्देशों का पालन करें।  

यदि आप किसी भी प्रकार का हीलिंग सेशन अटेंड कर रहे हैं, यानी यदि आप की हीलिंग की जा रही है तो निम्न बातें आपको ध्यान रखनी चाहिए जिससे कि आपको अधिकतम लाभ हो सके:

  • इस सेशन के एक दिन पहले से ही किसी भी प्रकार के गरिष्ठ भोजन, कैफ़ीन युक्त पेयों एवं मद्यपान से बचें।  
  • जब तक आपकी हीलिंग चल रही हो आप बिना हिले डुले एक ही स्थिति में बैठे रहें।  ऊर्जा एक विशेष दशा और दिशा में गति करती है और आपका हिलना डुलना इस गति में अवरोध उत्पन्न कर सकता है। 
  • आप सुविधानुसार पूरी तरह से आरामदायक स्थिति में बैठें एवं आपका प्रयास होना चाहिए कि आप के शरीर के अंग कहीं पर एक दूसरे से गुणा का चिन्ह न बना रहे हों। 
  • अपनी जिह्वा की नोक को अपने तालु से लगा कर रखें जैसा कि ल अक्षर बोलने पर होता है। 
  • आप किसी भी साधारण ध्यान की स्थिति में हों।  मन बहुत ही चंचल होता है।  जैसे ही आप किसी भी ध्यान की स्थिति में बैठेंगे यह तुरंत आपको भ्रमित करने का प्रयास करेगा।  आपको ऐसा लगेगा जैसे आपकी नाक पर खुजली हो रही है, आपको शरीर पर कहीं चुनचुनाहट का आभास होगा, कहीं पर सुई चुभने जैसा लगेगा।  आपको यह सब अनदेखा करके बिलकुल शांत रहकर बिना हिले डुले ऐसे ही बैठे रहना है। 
  • यदि आपको अपनी स्थिति बदलनी ही पड़े तो धीरे धीरे बदलें और ऐसा करते समय आप का पूरा ध्यान उसी अंग पर हो जिसकी स्थिति आप बदल रहे हैं। 
  • आपके मन में जो भी विचार चल रहे हों उन्हें चलने दें।  यदि आपके मन में किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचार चल रहे हों तो, उससे बचने का उपाय करें।  इसके लिए आप अलग से संपर्क कर सकते हैं। 
  • हीलिंग सेशन के समय यदि आपको नींद आ जाती है तो इसमें कोई समस्या नहीं है लेकिन जानबूझकर नहीं सोना है। 
  • हीलिंग सेशन पूरा होने के बाद अपनी सुविधानुसार सामान्य तापमान का जल ग्रहण कर लें। 

यदि आपने कभी कोई हीलिंग सेशन अटेंड किया हो तो अपना अनुभव हमसे अवश्य साझा करें।  इस सम्बन्ध में और अधिक जानकारी के लिए आप अलग से संपर्क कर सकते हैं।