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उस व्यक्ति की कोई सीमाएं नहीं होतीं जो सीमाओं को स्वीकार नहीं करता।  यहाँ तक कि सत्तर साल के वृद्ध पुरुषों ने मैराथनों में दौड़ लगाई है और पर्वतों पर चढ़ाइयाँ की हैं।  हमेशा ध्यान रखें, असफल लोगों के सपने छोटे जबकि सफल लोगों के सपने हमेशा बड़े होते हैं।  महत्त्वपूर्ण है बड़ी सोच और बड़े सपने देखने का साहस।  इसीलिए आपने बहुत सारे सीमित विचार स्वरूप वाले सामान्य ऐसे लोगों को देखा होगा जिन्होंने २४ वर्ष की आयु में अपना छोटा सा व्यवसाय प्रारम्भ किया और ६४ साल की उम्र में उसी छोटे से व्यवसाय से ही अवकाश ग्रहण कर लिया।  उन्होने अपना पूरा जीवन उसी छोटे से व्यवसाय में बिता दिया और कभी भी उससे बड़ा करने के बारे में सोचा तक नहीं।  लेकिन, असीमित विचार स्वरूप वाले ऐसे दूसरे लोग भी हैं जिन्होने  छोटे से स्टोर से शुरुआत की और बहुत ही कम समय में अपना व्यवसाय बढ़ा कर स्टोर्स की पूरी श्रृंखला खोल ली और अपने व्यवसाय को विविध प्रकार के व्यवसायों में बदल दिया।  मैक डोनाल्ड और पिज्जा हट आदि बहुत सारे उदाहरण आपके समक्ष हैं।  वे सिर्फ इसलिए बढ़ पाये क्योंकि उन्होने बड़ा सोचने और बड़े सपने देखने का साहस किया।

यदि आपके सपने और आपका लक्ष्य वास्तव में बड़े और आकाश की तरह ऊंचे हैं, तो आपके प्रयास भी निश्चित तौर पर ऊंचे ही होंगे।  यदि आपने लक्ष्य निर्धारण ही छोटा किया है, इतना छोटा जितना कि आपके घर की छत है, तो यह निश्चित है कि आप उस स्तर से थोड़ा सा नीचे तक ही पहुँच पाएंगे।

सौजन्य: यू कैन टॉप पुस्तक

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About Ajay Pratap Singh

Blogger, ERP Administrator, Certified Information Security Expert, Spiritual Healer, Translator (E2H)

Posted on फ़रवरी 18, 2014, in प्रवचन. Bookmark the permalink. टिप्पणी करे.

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