आलोचना

किसी भी व्यक्ति से काम लेने का एक ही उपाय है – जो चीज वह व्यक्ति चाहता है उसे वह मिल जाये।  मनोवैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया में एक ही चीज है जिसको हर व्यक्ति चाहता है। वह चीज तुम देने में बड़ी कंजूसी करते हो। दुनिया के हर व्यक्ति की एक कामना सबसे प्रबल होती है लोगों की निगाहों में महत्त्वपूर्ण दिखने की लालसा।  आत्म सम्मान और आत्म-महत्त्व की धारणा कभी तृप्त नहीं होती है।  किसी न किसी रूप में आप जीवन जीते हैं, चाहे पति के रूप में, चाहे पत्नी के रूप में, चाहे शिक्षक के रूप में।  लेकिन आपकी एक लालसा अवश्य रहती है कि आप महत्त्वपूर्ण हैं और आपकी यह इच्छा पूर्ति पूरे जीवन भर नहीं हो पाती है।  जो व्यक्ति मनुष्य के ह्रदय की लालसा को ईमानदारी से शांत कर देता है, वह आसानी से दूसरों को मुट्ठी में कर लेता है।  और वह लोकप्रिय भी बन जाता है तो इस बात का ध्यान रखिये की जो भी व्यक्ति आपके संपर्क में आता है, आप उसके महत्त्वपूर्ण होने का अहसास अवश्य कराएँ।  वह व्यक्ति आपके लिए और सबके लिए महत्त्वपूर्ण है अगर यह महत्त्वपूर्ण होने की लालसा न रही होती तो अमेरिका का धनी कुबेर राजतिलक चीन के अस्पतालों में अरबों रूपये का दान न भेजता।  वह इसलिए भेजता था कि दुनिया के अख़बारों में निकले कि यह व्यक्ति चीन में लोगों की सहायता के लिए अस्पताल खुलवा रहा है और दवाइयां बँटवा रहा है।

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About अजय प्रताप सिंह

Light Worker

Posted on अगस्त 9, 2012, in प्रवचन. Bookmark the permalink. टिप्पणी करे.

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