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एकाग्रता: महानतम उपाय

एकाग्रता सभी छात्रों के सीखने योग्य एक अति महत्त्वपूर्ण कौशल है, क्योंकि यह ध्यान केन्द्रित करने, विचलता दूर करने; और क्षणिक आवेगों जो कि सामान्य ध्यान और फोकस करने की क्षमता में बाधा हैं को दूर करने की योग्यता प्रदान करती है।  आपकी एकाग्रता की क्षमता कुछ बातों पर जैसे कि आपकी प्रतिबद्धता, कार्य को करने का उत्साह, आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति और आपके आस-पास के माहौल पर निर्भर करती है।

एकाग्रता में कमी एक आम समस्या है।  कार्य में रूचि का न होना कमजोर एकाग्रता का एक बड़ा कारण  है।  यदि आप कुछ ऐसा पढ़ रहे हैं जिसे आप वाक़ई चाहते है, तो समान्यतया आपका ध्यान उसमें लगता है।  मगर, यदि आप कुछ ऐसा पढ़ रहे हैं जो आपको बेकार और उबाऊ लगता है तो आपको आमतौर पर इसपर एकाग्र करना मुश्किल लगेगा।

यहाँ कुछ सुझाव दिये गये हैं जो आपकी एकाग्रता संबन्धित समस्याओं का समाधान करने में आपके मददगार होंगे:

  1. रोज एक ही समय पर अध्ययन करें, आपकी जैविक घड़ी इसी के अनुसार स्थिर हो जाएगी और इसके परिणामस्वरूप आपका कार्य बेहतर होगा। इसलिए, घर पर अपनी पढ़ाई का एक टाइम-टेबल बना लीजिये।  और समय समय पर इसे अपनी सुविधा के हिसाब से संशोधित(रिवाइज़) करते रहिये।
  2. जब आप थके हुए या अस्वस्थ हों उस समय कभी मत पढ़िये।
  3. सीधे बैठिए। यह आपकी एकाग्रता को बढ़ाता है। प्रभावकारी एकाग्रता और अध्ययन के लिए एक आरामदायक कुर्सी और मेज अति आवश्यक हैं।
  4. यह सुनिश्चित कीजिये कि आपके पढ़ने के स्थान पर पर्याप्त रोशनी हो जिससे कि आप आँखों में तनाव, सिरदर्द और थकान से बच सकें।
  5. ऐसे विभिन्न खेल और पहेलियां जो कि आनंद दायक हों और आपकी चेतना को अत्यधिक बढ़ा सकें; भी आपकी एकाग्रता बढ़ा सकती हैं।
  6. किसी विशेष विषय जैसे कि गणित पढ़ते समय आपके मस्तिष्क का एक विशेष भाग बाकियों की अपेक्षा ज़्यादा सक्रिय रहता है। लेकिन एक विषय से दूसरे विषय जैसे कि इतिहास को बदलने से आपके मस्तिष्क का दूसरा भाग सक्रिय हो जाता है और जो भाग गणित पढ़ते समय सक्रिय था वह आराम की अवस्था में चला जाता है।  इस तरह अपने विषयों को बार-बार बदलने से मस्तिष्क के अलग-अलग भाग ताजगी से भर जाते हैं (रिफ्रेश हो जाते हैं) और परिणामस्वरूप एकाग्रता बढ़ जाती है और परिणाम होता है बेहतर प्रदर्शन।  इसलिए, दिन में पढ़ते समय अपने विषयों को अदल-बदल कर पढ़िये।
  7. अपनी एकाग्रता को बढ़ाने के लिये पुस्तक का जो भाग आपने पहले न पढ़ा हो उसे बोल-बोलकर प्रतिदिन 5 मिनट तक पढ़िये। मात्र 40 दिनों के भीतर आपको चमत्कारी परिणाम प्राप्त होंगे।

वैज्ञानिक अनुसन्धानों से पता चला है कि हर व्यक्ति में गहराई में फोटोग्राफिक स्मृति छिपी होती है।  आपके अनुभवों के सभी विवरण आपके मस्तिष्क की गहराई में रहते हैं और सही ट्रिगर छूटने का इंतजार करते रहते हैं।

आपकी वास्तविक मानसिक क्षमता का लाभ लेने का सर्वोत्तम तरीका है कि जब यह तत्परता की स्थिति  में हो उस समय अवचेतन मन को सीधा आदेश दिया जाय।  इसे करने के लिए सर्वप्रथम आप बिलकुल शांत हो जाइये।  एक शांत स्थान पर अपनी पीठ के बल लेट जाइये।  20 गहरी सांसें लीजिये, विजुवलाइज़ कीजिये कि बाहर जाने वाली हर सांस तनाव को अंदर से बाहर फेंक रही है।  यह आपको जबर्दस्त विश्राम, जीवनी शक्ति और ऊर्जा देगा।  अब, आपके मन का अवचेतन भाग जो कि निरपवाद रूप से शक्तिशाली है आपके आदेश के लिए अत्यधिक ग्राही हो गया है।  इस आदेश को 5 मिनट तक दोहराएँ: “मेरे पास एक उत्तम स्मृति(याददास्त) है।  जो भी मैं वापस याद करना चाहूँ उसे मैं याद रख सकता हूँ”।  इसे 21 दिनों तक करें और आप एक उल्लेखनीय परिवर्तन का अनुभव करेंगे।

मानसिक एकाग्रता का अभ्यास परीक्षाओं में अत्यधिक सफलता पाने की कुंजी है।  मानसिक एकाग्रता का अभ्यास आपको वर्तमान की स्थिति में ले आता है और वर्तमान में जीना हर रचनात्मकता और बुद्धिमत्ता का परम स्रोत है।  इनमें से कोई भी एक एकाग्रता का प्रयोग चुनकर उसका अभ्यास प्रतिदिन 10 मिनट कीजिये।

  1. जलती हुई मोमबत्ती

अंधेरे कमरे में एक मोमबत्ती जलाइये। बिना पलकें झपकाए तब तक देखते रहें जब तक संभव हो।  सुनिश्चित कीजिये कि आपका मानसिक फोकस लपट पर ही रहे।  यदि आपका मन किसी और तरफ भटके, अपने मन को आराम से वापस ले आइये और लपट की सुंदरता पर गहराई से एकाग्र कीजिये।  यह आपको बिना किसी भटकाव के अधिक समय तक फोकस करने में सक्षम बनाएगा।

  1. कदम गिनने की युक्ति

यह एकाग्रता बढ़ाने की एक बहुत ही आसान लेकिन अत्यधिक प्रभावी रणनीति है।

टहलते समय 6 कदमों तक सांस अंदर लीजिये, अगले 6 कदमों तक सांस को अंदर रोक कर रखिये और फिर 6 कदमों तक सांस को बाहर निकालिये।  अपने मन को इधर उधर भटकने की इजाजत दिये बिना इस चक्र को लगातार दोहराइए।

  1. घड़ी की सेकंड वाली सुई पर एकटक देखना

एकाग्रता का यह एक बहुत ही साधारण लेकिन अत्यधिक प्रभावी और आनंद दायक प्रयोग है।  आपको करना सिर्फ इतना है कि अपनी घड़ी की सेकंड वाली सुई पर दो मिनट तक एकटक देखना है।  सेकंड वाली सुई पर कुछ इस तरह ध्यान दें जैसे कि आपका सारा संसार इन सुइयों की चाल में ही है।  इस तकनीक को दिन में 3 बार करें।  21 दिनों के बाद आप बढ़े हुए ऊर्जा स्तर और मानसिक कार्यक्षमता में सकारात्मक अंतर के साथ एक अत्यधिक शक्तिशाली मन का अनुभव करेंगे। आप इसका अभ्यास करते रहें और आप अत्यधिक आध्यात्मिक पुरस्कार का भी अनुभव करेंगे।

  1. बुद्धिशीलता (ब्रेनस्टॉर्मिंग)

हर चीज के लिए विशेष समय निर्धारित करें और जो विचार आपके मन में सबसे पहले आए उसे ले लें जैसे कि, स्वास्थ्य, ईश्वर, धर्म या अन्य कुछ भी।  अब सिर्फ 5 मिनट के लिये इस विषय पर आपके मन में जो भी विचार आए उसे लिख डालिए।  सबसे महत्त्वपूर्ण है कि बिना एक पल भी रुके जितनी तीव्रता से हो सके लिखें।  इसका अभ्यास कीजिये और अपने मन पर इसका जादुई प्रभाव देखिये।

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