Advertisements

मस्तिष्क क्षमता को बढ़ाने के लिए विश्राम और सोना

विश्राम और सोना मन और शरीर को रीचार्ज करने के प्रकृति के अपने तरीके हैं।  इनसे बचना इसी तरह है जैसे मोमबत्ती को दोनों तरफ से जलाना।  अध्ययनों से पता चला है कि निद्रा का अभाव रचनात्मकता को नष्ट करता है।  इसलिए मस्तिष्क के प्रदर्शन को अधिकतम करने के लिए सात से आठ घंटे सोने का लक्ष्य रखिये।

वैज्ञानिक रूप से यह भी प्रमाणित हो चुका है कि सोने से पहले कुछ सीखना इसे सीमेंट की भांति मस्तिष्क में दृढ़ कर देता है।  इसलिये यह भी लाभदायक है कि बेहतर स्मरणशक्ति के लिए सोने से पहले जानकारियां ग्रहण कीजिये।  दिन में एक छोटा “पावर-स्नैप” मस्तिष्क को सदा तेज रखेगा।

कितना सोना आवश्यक है?

मानव शरीर को प्रतिदिन औसतन आठ घंटे सोने की आवश्यकता होती है लेकिन ऐसा कोई निश्चित नियम नहीं है।  सभी को अपने शरीर की लय को समझना होगा और परीक्षण और त्रुटि के तरीके से अपने शरीर को ठीक रखने के लिए आवश्यक घंटों की आवश्यकता को जानना होगा।

कुछ लोग बहुत अधिक सोते हैं जो कि उनका जीवन काल कम करता है।  और यह एक बुरी आदत की वजह से है। इसलिए, इस आदत को छोड़िए और जितनी आवश्यकता है उतना ही सोइये।  कल से ही आधा घंटा पहले उठना शुरू कीजिये।  तीन दिनों बाद, पूरे एक घंटे की कटौती कीजिये।  तीन हफ्तों बाद आपको आश्चर्य होगा कि अभी तक आपने इतना समय क्यों बर्बाद किया।

यदि आप एक या दो दिन कम सोएं तो आपका शरीर अगले दो दिनों में अधिक सोकर इसको नियंत्रित कर लेता है।  यदि इसे ज़्यादा दिनों तक किया जाय तो आपका शरीर ‘निद्रा-कर्ज’ की अवस्था में चला जाता है। तब आपको थकान, नींद, सिरदर्द, बदन दर्द, खराब पाचन, एकाग्रता में कमी, झुंझलाहट, चिड़चिड़ापन और अन्य मन और शरीर संबंधी समस्याओं के लक्षण दिखने लगते हैं।

एक अच्छी रात्रि निद्रा कैसे पाएँ?

जहां तक संभव हो हर रात का सोने का समय निश्चित कीजिये।  दोपहर की लंबी निद्रा से बचिए; एक छोटी नींद ही काफी है।  सोने से तीन घंटे पहले ऐसी हर चीज़ खाने या पीने से बचिए जिसमें कैफ़ीन हो जैसे कि वातयुक्त कोल्ड ड्रिंक्स, कॉफी या चॉकलेट वाले पेय पदार्थ।

यदि कॉफी जागे रहने के लिए पी जाय तो क्या यह हानिकर है?

थोड़ी मात्रा में कैफ़ीन लेना उत्तेजक का काम करता है और आपको जगाए रखता है, इसलिए दिन में एक या दो कप पर्याप्त हो सकता है।  लेकिन कॉफी का अत्यधिक सेवन झटके आने, तेज नाड़ी गति, चिड़चिड़ापन और पेट दर्द जैसे नुकसान भी दे सकता है।

 

पावर स्लीप

योग में इसे शवासन कहते है जिसका मतलब है शव की तरह लेटना।  शवासन न सिर्फ ‘पावर स्लीप’ लेने में मदद करता है बल्कि मिनटों में ऊर्जा को पुनः हासिल कराता है।  यह लंबे अध्ययन के घंटों के समय भी लाभदायक है।

यदि आप इस क्रिया के दौरान ज़्यादा देर तक सो जाते हैं तो चिंता मत कीजिये।  इससे बचने के लिये या तो कोई अलार्म लगा लीजिये या फिर किसी से आपको एक घंटे के बाद जगाने के लिये कह दीजिये।

Advertisements